Chapter 4 - फ्रॉड लोन ऐप्स का बैंक वेरिफिकेशन कैसे होता है?

फ्रॉड लोन ऐप्स का बैंक वेरिफिकेशन कैसे होता है? फ्रॉड लोन ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर आपकी बैंकिंग जानकारी को चुराकर उसका दुरुपयोग करती हैं। ये ऐप्स वैध प्रक्रिया की नकल करते हुए आपको झांसे में लेती हैं और आपकी वित्तीय सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। आइए जानते हैं कि ऐसे ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन कैसे करते हैं और यह प्रक्रिया कितनी खतरनाक हो सकती है।

फ्रॉड लोन ऐप्स का बैंक वेरिफिकेशन कैसे होता है?

फ्रॉड लोन ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर आपकी बैंकिंग जानकारी को चुराकर उसका दुरुपयोग करती हैं। ये ऐप्स वैध प्रक्रिया की नकल करते हुए आपको झांसे में लेती हैं और आपकी वित्तीय सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। आइए जानते हैं कि ऐसे ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन कैसे करते हैं और यह प्रक्रिया कितनी खतरनाक हो सकती है।


1. बैंक अकाउंट डिटेल्स की मांग

  • ऐप्स आपसे बैंक अकाउंट डिटेल्स, जैसे अकाउंट नंबर, IFSC कोड, और ब्रांच का नाम मांगती हैं।
  • ये डिटेल्स वैध बैंक वेरिफिकेशन के लिए मांगी जाती हैं, लेकिन इनका असली मकसद आपके अकाउंट को हैक करना या पैसा चुराना हो सकता है।

2. ऑटोमैटिक बैंक लिंकिंग

फ्रॉड ऐप्स आपको अपने बैंक अकाउंट को ऐप से लिंक करने को कहती हैं।

  • ये ऐप्स नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स (यूजरनेम और पासवर्ड) मांग सकती हैं।
  • एक बार लिंक करने के बाद, ये ऐप्स आपके अकाउंट को मॉनिटर कर सकती हैं और अनधिकृत लेनदेन कर सकती हैं।

3. UPI और वर्चुअल पेमेंट वेरिफिकेशन

  • ऐप्स आपसे UPI ID और वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) मांग सकती हैं।
  • कई बार वे आपको एक छोटे ट्रांजैक्शन का झांसा देकर आपका UPI पिन हासिल कर लेती हैं।
  • इसके जरिए वे आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।

4. OTP के जरिए वेरिफिकेशन

  • ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन के लिए आपके मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP की मांग करती हैं।
  • OTP के जरिए ये ऐप्स आपके बैंकिंग लॉगिन तक पहुंच सकती हैं और अनधिकृत ट्रांजैक्शन कर सकती हैं।
  • कई बार ये OTP का इस्तेमाल लोन स्वीकृत करने या अन्य धोखाधड़ी के लिए किया जाता है।

5. डॉक्यूमेंट्स के नाम पर बैंक स्टेटमेंट की मांग

  • फर्जी लोन ऐप्स आपसे पिछले 3-6 महीनों का बैंक स्टेटमेंट अपलोड करने को कहती हैं।
  • ये बैंक स्टेटमेंट आपके वित्तीय इतिहास और अकाउंट बैलेंस की जानकारी देता है।
  • इस जानकारी का इस्तेमाल आपकी वित्तीय स्थिति का गलत फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है।

6. प्री-अप्रूव्ड लोन का झांसा

  • ये ऐप्स आपको "प्री-अप्रूव्ड लोन" का झांसा देकर आपके बैंक अकाउंट को वेरिफाई करने की मांग करती हैं।
  • वे कहते हैं कि आपका लोन तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा, लेकिन असल में वे आपकी जानकारी चुराने के लिए यह प्रक्रिया करते हैं।

7. एप्लीकेशन परमिशन का दुरुपयोग

  • ऐप्स इंस्टॉल करते समय आपसे बैंकिंग और अन्य पर्सनल डेटा एक्सेस की परमिशन मांगती हैं।
  • एक बार अनुमति मिलने के बाद, ये ऐप्स आपके बैंकिंग ऐप्स से डेटा चुरा सकती हैं।

8. फर्जी बैंक अकाउंट क्रिएशन

  • फ्रॉड ऐप्स आपके नाम और बैंकिंग जानकारी का उपयोग करके फर्जी बैंक अकाउंट खोल सकती हैं।
  • इन अकाउंट्स का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

9. पेमेंट गेटवे का झांसा

  • कई बार ये ऐप्स एक फर्जी पेमेंट गेटवे बनाते हैं, जहां आपको बैंक वेरिफिकेशन के लिए पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
  • इस गेटवे के जरिए आपका पैसा सीधा उनके खाते में चला जाता है।

10. फर्जी सपोर्ट टीम के जरिए बैंक वेरिफिकेशन

  • ये ऐप्स "कस्टमर सपोर्ट" के नाम पर आपको कॉल करके आपके बैंकिंग डिटेल्स मांगती हैं।
  • वे आपको यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि यह प्रक्रिया जरूरी है, लेकिन यह पूरी तरह से धोखाधड़ी होती है।

फ्रॉड बैंक वेरिफिकेशन से बचने के तरीके

  1. केवल RBI द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्स का ही उपयोग करें।
  2. किसी भी ऐप को बैंकिंग जानकारी देने से पहले उसकी वैधता की जांच करें।
  3. OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी कभी भी किसी ऐप या कॉल के जरिए साझा न करें।
  4. अनावश्यक परमिशन मांगने वाले ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल करें।
  5. अपने बैंक से संपर्क करके तुरंत संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें।

निष्कर्ष:

फ्रॉड लोन ऐप्स बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर आपकी वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश करती हैं। इनसे बचने के लिए सतर्क रहें और केवल भरोसेमंद ऐप्स का ही चयन करें। हमेशा याद रखें, आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा है।